GERD क्या होता है?
एसिड रिफ्लक्स तुरंत कैसे रोकें? (How to Stop Acid Reflux Fast)
कई बार अचानक सीने में जलन शुरू हो जाती है, गले तक खट्टा पानी आ जाता है और बेचैनी होने लगती है। ऐसी स्थिति को आम भाषा में एसिडिटी कहते हैं। अगर यह समस्या बार-बार होने लगे, तो इसे GERD भी कहा जा सकता है।
GERD का पूरा नाम है
Gastroesophageal Reflux Disease
यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें पेट का एसिड ऊपर फूड पाइप (भोजन नली) में चला जाता है। पेट में एसिड बनना सामान्य बात है — यही खाना पचाने में मदद करता है।
लेकिन जब यही एसिड बार-बार ऊपर आने लगे, तब समस्या शुरू होती है।
अगर हफ्ते में 2–3 बार से ज्यादा सीने में जलन हो रही है और यह लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे सिर्फ सामान्य गैस नहीं माना जाता।
एसिड रिफ्लक्स तुरंत कैसे कंट्रोल करें?
अगर अचानक जलन शुरू हो जाए, तो ये छोटे-छोटे कदम राहत दे सकते हैं:
1. सीधा बैठ जाएं, लेटें नहीं
2. थोड़ा सादा पानी पिएं
3. टाइट कपड़े ढीले करें
4. हल्की वॉक कर लें
5. मसालेदार या तला हुआ खाना तुरंत बंद करें
ये उपाय अस्थायी राहत देते हैं। अगर समस्या बार-बार हो रही है, तो कारण समझना जरूरी है।
GERD के सामान्य लक्षण
अगर नीचे दिए गए लक्षण बार-बार महसूस हों, तो इसे नजरअंदाज न करें:
1. सीने में जलन (हार्टबर्न)
2. खट्टा पानी या खाना गले तक आना
3. बार-बार डकार आना
4. खाना खाने के बाद भारीपन
5. रात में सोते समय एसिड ऊपर आना
6. गले में खराश या जलन
7. मुंह में कड़वाहट
अगर खाना निगलने में परेशानी, उल्टी में खून या अचानक वजन कम हो रहा हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।
लंबे समय तक GERD रहे तो क्या हो सकता है?
अगर लंबे समय तक इसका इलाज न किया जाए, तो भोजन नली में सूजन या घाव हो सकते हैं। कुछ मामलों में भोजन नली संकरी भी हो सकती है, जिससे खाना निगलना मुश्किल हो जाता है।
बहुत ही कम मामलों में एक स्थिति विकसित हो सकती है जिसे Barrett's esophagus कहा जाता है। इसमें कैंसर का खतरा बहुत कम होता है, लेकिन नियमित जांच जरूरी होती है।
GERD और हार्ट पेन में फर्क क्यों समझ नहीं आता?
कई बार GERD का दर्द हार्ट पेन जैसा महसूस होता है।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दोनों के nerves एक ही area से जुड़े होते हैं।
अगर सीने में तेज दर्द हो, सांस लेने में दिक्कत हो या दर्द बाएं हाथ तक जाए, तो तुरंत मेडिकल इमरजेंसी में दिखाएं।
GERD की जांच कैसे होती है?
GERD की पुष्टि के लिए सबसे आम टेस्ट है एंडोस्कोपी।
एंडोस्कोपी क्या है?
1. यह एक सुरक्षित और सामान्य प्रक्रिया है
2. 5–10 मिनट में पूरी हो जाती है
3. एक पतली flexible tube से फूड पाइप और पेट को अंदर से देखा जाता है
इससे डॉक्टर को पता चलता है:
1. सूजन या छाले हैं या नहीं
2. फूड पाइप को कितना नुकसान हुआ है
GERD के मुख्य कारण
1. देर रात खाना
2. ज्यादा मसालेदार और तला हुआ भोजन
3. मोटापा (खासकर पेट की चर्बी)
4. ज्यादा चाय/कॉफी
5. शराब और धूम्रपान
6. तनाव और अनियमित दिनचर्या
मोटापा और GERD
पेट की चर्बी (Central Obesity) पेट पर दबाव बढ़ाती है, जिससे एसिड ऊपर आता है।
वजन कम करने से GERD के लक्षण काफी हद तक कम हो सकते हैं।
GERD का इलाज
1. लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव (सबसे जरूरी)
1. समय पर खाना खाएं
2. एक बार में ज्यादा खाना न खाएं
3. रात का खाना सोने से 2–3 घंटे पहले लें
4. मसालेदार, तला हुआ और ऑयली खाना कम करें
5. कॉफी, कोल्ड ड्रिंक और शराब से बचें
6. खाना खाने के तुरंत बाद न लेटें
2. प्राकृतिक उपाय
1. सौंफ चबाना
2. केला खाना
3. ठंडा सादा दूध
4. हल्की वॉक करना
5. योग और ध्यान
3. दवाइयाँ (डॉक्टर की सलाह से)
डॉक्टर अक्सर
Pantoprazole
या
Omeprazole
जैसी दवाइयाँ देते हैं जो पेट में बनने वाले एसिड को कम करती हैं।
बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक दवा न लें।
Read more
Lemon Balm Tea Benefits for Sleep
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. एसिड रिफ्लक्स तुरंत कैसे रोकें?
सीधा बैठ जाएं, थोड़ा सादा पानी पिएं, और मसालेदार खाना न लें। सौंफ या केला भी राहत दे सकता है।
2. GERD और सामान्य एसिडिटी में क्या फर्क है?
सामान्य एसिडिटी कभी-कभी होती है, जबकि GERD हफ्ते में कई बार होती है और लंबे समय तक बनी रहती है।
3. क्या दूध एसिडिटी में फायदा करता है?
सादा ठंडा दूध थोड़ी देर के लिए राहत दे सकता है, लेकिन फुल-क्रीम या मीठा दूध avoid करें।
4. रात में एसिडिटी ज्यादा क्यों होती है?
देर से खाना और खाने के बाद तुरंत लेटना इसकी मुख्य वजह है।
5. क्या GERD से कैंसर हो सकता है?
ज्यादातर मामलों में नहीं। बहुत कम (लगभग 1–2%) मामलों में लंबे समय बाद जोखिम बढ़ सकता है।
6. GERD का सबसे अच्छा नेचुरल इलाज क्या है?
डाइट सुधारना, वजन कम करना, तनाव घटाना और नियमित दिनचर्या अपनाना सबसे प्रभावी तरीका है।
निष्कर्ष
GERD एक सामान्य लेकिन नजरअंदाज न करने वाली समस्या है।
अगर समय पर लाइफस्टाइल में बदलाव कर लिया जाए तो अधिकतर लोगों को बिना बड़ी समस्या के राहत मिल सकती है।
अगर लक्षण लगातार बने रहें, तो जांच और डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

