आज के टाइम मे फ़ास्ट फ़ूड लोग ज्यादा खाने लग गए है। इससे लोग अपनी बॉडी को ख़राब कर रहे है लेकिन आज मे बताऊंगा की फास्टिंग करने से हमारी बॉडी मे कितना सुधार होता है और ये कोई नार्मल बात नहीं है इससे साइंटिफिक तरीके से फायदा भी होता ह इसपर जो रिसर्च हुए थी उसमे पता चला था की 1 दिन फास्टिंग करने से भी हमारी बॉडी मई बोहोत सुधार होता है। इसमे आपको 36 घंटे का फास्टिंग कैसे होता है और इसके फायदे क्या है ये सब बताऊंगा तो शुरू करते है
फास्टिंग में पूरे 36 घंटे तक को भी तला हुआ खाना नहीं खता, बस पानी या ऐसी चीज़ो को ले सकते है जिसमे कैलोरी न हो।
आयुर्वेद और साइंस ने भी मानते है फ़ास्ट करने से शरीर मे बोहोत बदलाव आता है और इससे शरीर भी साफ़ होता है।
36 घंटे का फास्टिंग क्या और कैसे होता है?
रात को खाना खाने के बाद अगले दिन कुछ भी नहीं खाना और फिर उसके अगले दिन सुबह या दोपहर में फ़ास्ट खोलना।
36 घंटे फास्टिंग के फायदे क्या होते होते है
1. फेट को कम करने में बोहोत मदद करता है
2.शरीर को बोहोत साफ करता है
लंबे टाइम तक फ़ास्ट करने से शरीर को भोजन से पूरा आराम मिलता है और वो खुद को अंदर से साफ करना शुरू कर देता है। इस process मे शरीर में जमी हुई गंदगी निकल जाती हैं, जिससे खून साफ होता है और blood flow भी अच्छा हो जाता है। और इससे न सिर्फ शरीर मजबूत रहेगा बल्कि skin भी glow करती है।
फास्टिंग के टाइम शरीर अपने आप को रिपेयर करता है, cells की मरम्मत होती है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीरे हो जाती है। इसके साथ ही, लम्बे फ़ास्ट करने से पाचन मे भी आराम देता है और शरीर में भी एनर्जी सही बानी रहती है।
3. इंसुलिन को भी कंट्रोल करता है
फास्टिंग करने से शरीर इंसुलिन को सही तरीके से use करता है इससे डायबिटीज को कम करता है और ब्लड शुगर भी कंट्रोल में रहता है।
ज्यादा खाने से पेट थक जाता है इसलिए फास्टिंग से पेट को आराम मिलता है, गैस, एसिडिटी और कब्ज भी नहीं होने देता ।
4 . दिमाग को तेज और फोकस भी अच्छा रहता है
उपवास के टाइम शरीर कीटोन एनर्जी बनाता है जो दिमाग के लिए फायदेमंद होती है इससे concentrate बढ़ता है और stress को कम करता है।
5. इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है
ज्यादा फास्टिंग करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है और बार-बार सर्दी-जुकाम नहीं देता।
6. 36 घंटे का फास्टिंग कैसे करें? बेस्ट तरीका
1. फास्टिंग करने से पहले हल्का और ज्यादा protein वाला खाना खाये।
2. दिनभर अच्छे से पानी पिए।
3. ज़्यादा मेहनत वाला काम मत करना क्युकी शरीर मैं एनर्जी कम रहती है।
4. फास्टिंग मे अगर ज्यादा भूक लगे तो ग्रीन टी या ब्लैक कॉफी पी सकते हो।
5. फ़ास्ट खोलते टाइम हल्का घर पर बना हुआ खाना।
किन लोगों को 36 घंटे का फास्टिंग नहीं करनी चाहिए?
pregnant महिलाएँ बिलकुल न करे या किसी को ज्यादा डायबिटीज हो या जो ज्यादा टाइम भूका न रह पाता हो और जिसकी बोहोत दवाईया चल रही हो।
Read more
Ayurvedic remedies for joint pain in elderly Delhi
निष्कर्ष
36 घंटे का फास्टिंग सही तरीके करे तो ये शरीर और दिमाग दोनों बोहोत बदलाव आता है। इससे फैट को कम करने मे बोहोत मदद मिलती है और शरीर के अंदर और बहार से भी बोहोत changes होते है तो फास्टिंग जरूर करनी चाहिए।
(FAQ)
Q1. क्या 36 घंटे का फास्टिंग सेफ रहता है?
बिलकुल सेफ रहता है अगर सही तरीके से करोगे तो ये बोहोत इफेक्टिव रहता है शरीर के लिए लेकिन फिर भी जो पहली बार करेंगे वो ध्यान से करना ।
Q2 . क्या फास्टिंग के टाइम कमजोरी महसूस होती है?
स्टार्टिंग में कमजोरी या भूख लगेगी, लेकिन कुछ टाइम के बाद शरीर इसे अपनाने लगता है।
Q3 . 36 घंटे का फास्टिंग कितनी बार करना चाहिए?
जो लोग पहली बार कर रहे तो महीने मे 1 ही करे, जब ज्यादा टाइम हो जाये करते हुए फिर 2 से 3 बार कर सकते हो।
Q4 . क्या 36 घंटे का फास्टिंग रोज रोज़ कर सकते है?
नहीं, इसे रोज नहीं करना चाहिए। कुछ-कुछ टाइम छोड़ कर करना चाहिए ।

0 Comments